Saturday, February 09, 2008

मैं क्या कर रहा हूँ ?

क्या मैंने इस तरह का जीवन जीना चाहा था ? अपने पी जी हॉस्टल से ऑफिस और ऑफिस से हॉस्टल ! मैं किस माया जाल मे फँस चुका हूँ ? मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है ? क्या एक डिजाइनर कि लाइफ यही है ?












I feel like a labouror. there is no peace of mind. I feel, I am loosing contact with the real world. what is that will give me a direction? I don't know. But there is one thing that I trust GOD, he must give me directions.

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